गरियाबंद। जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास एवं आश्रमों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लंबित मांगों को लेकर आदिम जाति कल्याण विभाग संघ का अल्टीमेटम
आदिम जाति कल्याण विभाग संघ (संघ-30183) ने कलेक्टर गरियाबंद को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले एक दिवसीय कलेक्ट्रेट घेराव और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

संघ का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार आवेदन और ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
संघ ने अपनी मांग में कर्मचारियों को अविलंब वेतन का भुगतान,संगठन के जिलाध्यक्ष को उनके मूल छात्रावास में पुनः पदस्थ करने तथा विभाग द्वारा पूर्व में जारी विभिन्न आदेशों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया,तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, जिला प्रशासन और आदिम जाति कल्याण विभाग की होगी।
इस चेतावनी के बाद आदिवासी विकास विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो जिले के छात्रावास और आश्रमों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।



