Chhattisgarh Medical Device Scams : छत्तीसगढ़ के चर्चित 550 करोड़ रुपये के CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड) से जुड़े दवा और मेडिकल उपकरण घोटाले में ACB ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. इसी कड़ी में एसीबी ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. यह मामला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई ‘हमर लैब योजना’ से जुड़ा बताया जा रहा है. इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में आम जनता को मुफ्त डायग्नोस्टिक जांच सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी. ACB ने अपराध क्रमांक 055/2025 के तहत धारा 409, 120-बी भादवि और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए 19 जनवरी 2026 को तीन लोगों को गिरफ्तार किया. (Chhattisgarh Medical Device Scams)
इन तीन कंपनियों से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में पंचकूला स्थित रिकॉर्डर्स और मेडिकेयर सिस्टम्स प्रालि के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, रायपुर की शारदा इंडस्ट्रीज के प्रोप्राइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स और मेडिकेयर सिस्टम्स के लाईजनर प्रिंस जैन शामिल हैं. बताया गया है कि प्रिंस जैन, शशांक चोपड़ा का जीजा है. जांच में सामने आया कि हमर लैब योजना के तहत जिला अस्पतालों, एफआरयू, सीएचसी और प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी हेतु पूल टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिसमें मोक्षित कॉर्पोरेशन को लाभ पहुंचाने के लिए इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदा में भाग लेकर सहयोग किया. (Chhattisgarh Medical Device Scams)

आरोपियों ने ऐसे किया खेला
ACB की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के उद्देश्य से फर्मों के बीच सांठगांठ और कार्टेलाइजेशन किया गया. टेंडर में उत्पादों, पैक साइज, रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स का विवरण एक जैसे पैटर्न में भरा गया. यहां तक कि दरें भी समान क्रम में कोट की गईं. जांच एजेंसी के अनुसार इस प्रक्रिया के बाद मोक्षित कॉर्पोरेशन ने एमआरपी से तीन गुना अधिक दरों पर आपूर्ति कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे शासन को करीब 550 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है. (Chhattisgarh Medical Device Scams)
Chhattisgarh Medical Device Scams News: 550 करोड़ के स्कैम में ACB की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार; 27 जनवरी तक रिमांड पर
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गिरफ्तार आरोपियों को 19 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. ACB का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. उल्लेखनीय है कि इस मामले में मोक्षित कॉर्पोरेशन के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. (Chhattisgarh Medical Device Scams)
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