गरियाबंद। मैनपुर नक्सल प्रभावित इलाकों में जहां आमतौर पर बंदूक और ऑपरेशन की खबरें सुर्खियों में रहती हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के शोभा क्षेत्र से एक अलग और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। यानी CRPF की ई/211 बटालियन ने सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को गोली नहीं, गिफ्ट का संदेश दिया है। देखिए भास्कर न्यूज़ की यह खास रिपोर्ट।
गरियाबंद: CRPF का सिविक एक्शन प्रोग्राम
छत्तीसगढ़ के के नक्सल प्रभावित थाना शोभा क्षेत्र में जब CRPF के जवान गांव पहुंचे, तो एक पल के लिए ग्रामीणों को सर्च ऑपरेशन का अंदेशा हुआ। लेकिन कुछ ही देर में माहौल बदल गया, जब जवानों ने ग्रामीणों के लिए राहत और जरूरत का सामान उतारना शुरू किया।
शासकीय प्राथमिक कन्या आश्रम शाला, शोभा के खेल मैदान में आयोजित इस सिविक एक्शन कार्यक्रम में ग्रामीणों को बाल्टी, गिलास, प्लेट, कंबल, साड़ी, लुंगी और सोलर लाइट जैसे दैनिक उपयोग के सामान वितरित किए गए।
वहीं बच्चों को स्कूल बैग, क्रिकेट बैट, बॉल और कैरम बोर्ड देकर शिक्षा और खेल के प्रति प्रोत्साहित किया गया। जिन हाथों में कभी डर था, अब उन्हीं हाथों में किताब और खेल का सामान नजर आया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता 211 बटालियन के कमांडेंट विजय प्रताप ने की। इस दौरान द्वितीय कमान अधिकारी रंजन कुमार बहाली, उप कमांडेंट इकबाल अहमद, चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. तपस्विनी और सहायक कमांडेंट संतोष कुमार भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर भरोसा दिलाया कि सुरक्षा बल केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विकास और विश्वास के भी साझेदार हैं। साथ में हेल्थ कैंप लगाकर लगभग 140 मरीज का इलाज और दवाई का वितरण भी किया गया ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर सिंह गंगवार, सरपंच धनश्याम मरकाम, नरवती नेताम और फूलमती नेताम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं, लेकिन इस बार शिकायतों से ज्यादा धन्यवाद की आवाज सुनाई दी।
CRPF का यह सिविक एक्शन कार्यक्रम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास की नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रयास सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

CRPF की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव और विश्वास की नई उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि यह विश्वास की रोशनी आने वाले समय में कितनी दूर तक फैलती है।



