रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी का शुभारंभ हो गया है। भोर की पहली किरण के साथ ही प्रदेशभर में किसानों के लिए यह इंतज़ार खत्म हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान खरीदी की शुरुआत को “किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव” बताया है।
सीएम साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे किसान हैं। उनकी मेहनत का सम्मान करते हुए 15 नवंबर से पूरे प्रदेश में धान खरीदी को व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि सभी जिलों को समय रहते आधारभूत व्यवस्थाएँ पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी किसान को धान बेचने में कोई परेशानी न आए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी से आगे बढ़ रही बातचीत, अमेरिकी अधिकारी ने दी सकारात्मक संकेत
किसानों की सुविधा के लिए इस बार धान खरीदी में कई तकनीकी सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। इनमें तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शी मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल है। सरकार का दावा है कि इन सभी व्यवस्थाओं के जरिए खरीदी तेज़, सुचारू और बिना किसी गड़बड़ी के की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर स्तर पर तकनीक, पारदर्शिता और किसान-हित है।
“हर कदम पर हमारा संकल्प है—किसान को सुविधा, सम्मानपूर्वक खरीदी और समय पर भुगतान,” उन्होंने कहा।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का यह सीजन किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य देश के सबसे बड़े धान उत्पादक राज्यों में से एक है और हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान सरकारी खरीदी पर निर्भर रहते हैं।



