गरियाबंद – मनरेगा योजना का बचाने और श्रमिकों अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत गरियाबंद में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
धरना स्थल पर पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन विनोद चंद्राकर, जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने पर तुली हुई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीब परिवारों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

सभा को संबोधित करते हुए विनोद चंद्राकर ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके बजट में कटौती, समय पर भुगतान न होना और काम के अवसर कम करना गरीब विरोधी सोच को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिलना उनका कानूनी अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों को न तो पूरा काम मिल पा रहा है और न ही समय पर मजदूरी। कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी।
विधायक जनक ध्रुव ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि मनरेगा में हो रही कटौती से आदिवासी, दलित और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी हर गांव, हर पंचायत में जाकर इस जनविरोधी नीति के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी।
धरना-प्रदर्शन में ओंकार सिंह ठाकुर, नीरज ठाकुर, युगल पांडेय, शैलेंद्र साहू, सन्नी मेमन, हाफिज खान, बालमुकुंद मिश्रा, भूपेंद्र मांझी, छगन यादव, योगेश बघेल, राजेश साहू, प्रकाश ठाकुर, प्रहलाद यदु, अमृत पटेल, सूरज यादव, अमित मिरी, महेंद्र राजपूत, अवध राम यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मंजू ध्रुव के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं पुष्पा ध्रुव, श्रद्धा राजपूत, प्रतिभा पटेल, ममता फुलझले, पार्वती ध्रुव, शीला तांडी ने भी धरने में सक्रिय भागीदारी निभाई और मनरेगा मजदूरों को उनका हक दिलाने की मांग की।
इसके अलावा सुनील शेन्द्रे, प्रेम यादव, यामीन मुश्कान, रमीज राजा सहित युवा कांग्रेस और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने भी धरना स्थल पर मौजूद रहकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें बंद नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



