खरसिया फैक्ट्री ब्लास्ट: 6 मजदूर और मासूम झुलसे।
मासूम भूमि की मौत: रायपुर में इलाज के दौरान।
परिजन न्याय की मांग: पूरे प्रदेश में सदमा।
Raigarh Factory Blast: रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में बीते 5 फरवरी को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया है। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 6 मजदूरों और एक 9 माह की मासूम बच्ची सहित कुल 7 पीड़ितों में से 9 माह की बच्ची भूमि खड़िया की रायपुर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। 9 माह की बच्ची भूमि खड़िया, जो 80–90 प्रतिशत तक झुलसी हुई थी, उसकी Kalda Burns & Plastic Surgery Centre, रायपुर (कल्दा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर) में 09/02/26, सोमवार शाम 4:05 बजे मौत हो गई। यह घटना पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। (Raigarh Factory Blast)
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इस दुर्घटना के संबंध में FIR क्रमांक 0047 दर्ज की गई है। वर्तमान में शेष घायल उसी अस्पताल में इलाजरत हैं, जिनमें कई की स्थिति अत्यंत गंभीर एवं नाजुक बनी हुई है। सांस लेने में गंभीर तकलीफ के कारण कुछ घायलों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जिससे वे बयान देने की स्थिति में भी नहीं हैं। (Raigarh Factory Blast)
घायलों का जानकारी-
साहेब लाल खड़िया (45 वर्ष) – Burn 80–90%
शिव खड़िया (27 वर्ष) – Burn 80–90%
उदाशिनी खड़िया (25 वर्ष) – Burn 30–40%
भूमि खड़िया (9 माह, नाबालिग) – Burn 80–90% (मृत्यु)
कौशल (25 वर्ष) – Burn 70–80%
इंदीवर (19 वर्ष) – Burn 80–90%
प्रिया (32 वर्ष) – Burn 70–80%
इस गंभीर दुर्घटना के बाद एक अत्यंत चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा पीड़िता उदासिनी सहित अन्य घायल मजदूरों के परिजनों पर FIR वापस लेने एवं बयान बदलने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। यह कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास भी है। इसके अतिरिक्त, कुछ माध्यमों में यह भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है कि पीड़िता उदासिनी अपनी 9 माह की बच्ची को केवल टिफिन देने प्लांट गई थी। (Raigarh Factory Blast)

Raigarh Factory Blast: मंगल कार्बन टायर फैक्ट्री ब्लास्ट – 9 माह की मासूम की दर्दनाक मौत, कई मजदूरों की हालत गंभीर, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
जबकि वास्तविकता यह है कि उदासिनी प्रतिदिन अपनी 9 माह की बच्ची को साथ लेकर प्लांट में काम करने जाती थी और प्लांट परिसर के अंदर टंकी के पास बच्ची को सुलाकर कार्य करती थी। यह स्थिति मानवाधिकार, श्रम कानूनों एवं बाल सुरक्षा नियमों के घोर उल्लंघन को दर्शाती है और यह स्पष्ट करती है कि प्लांट गैरकानूनी एवं असुरक्षित परिस्थितियों में संचालित किया जा रहा था। (Raigarh Factory Blast)
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