कांकेर मावा मोदोल कोचिंग प्रवेश परीक्षा में 1474 छात्र शामिल हुए। नीति आयोग ने मावा मोदोल योजना को देश की 17 बेस्ट प्रैक्टिस में सराहा। जानें योजना की खासियत और उपलब्धियां।
कांकेर मावा मोदोल कोचिंग में चयन परीक्षा में 1474 छात्र-छात्राएँ हुए सम्मिलित, नीति आयोग ने देश की बेस्ट प्रैक्टिस में सराहा
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने हेतु शुरू की गई मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग योजना लगातार सफल हो रही है। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी की देखरेख में संचालित इस कोचिंग के लिए रविवार, 17 अगस्त को प्रवेश हेतु द्वितीय चरण चयन परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में कुल 1474 छात्र-छात्राएँ शामिल हुए।
3500 से अधिक पंजीयन, 1474 छात्र पहुंचे परीक्षा केंद्र
सीईओ जिला पंचायत मंडावी ने बताया कि इस वर्ष प्रवेश हेतु 3500 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 1474 छात्रों ने स्क्रीनिंग टेस्ट में भाग लिया। चयन परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय कांकेर में 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
- नरहरदेव विद्यालय – 459 परीक्षार्थी
- शहीद रामकुमार कन्या विद्यालय – 486 परीक्षार्थी
- डाइट भवन व बीएड कॉलेज – 215 परीक्षार्थी
- सेजेस महाविद्यालय – 82 परीक्षार्थी
- मावा मोदोल कोचिंग केंद्र – 232 परीक्षार्थी
- परीक्षा पैटर्न और सीटों की संख्या
कांकेर मावा मोदोल कोचिंग में प्रवेश हेतु 240 अंकों का स्क्रीनिंग टेस्ट और 10 अंकों की काउंसलिंग निर्धारित की गई है। कांकेर और भानुप्रतापपुर स्थित कोचिंग केंद्रों में इस वर्ष 300-300 सीटें निर्धारित की गई हैं। विद्यार्थियों और पालकों की मांग को देखते हुए इस बार सीटों में वृद्धि की गई है।
1 सितम्बर से नए बैच की शुरुआत
कोचिंग के नए बैच की शुरुआत 1 सितम्बर 2025 से की जाएगी। यहां विद्यार्थियों को सीजीपीएससी, व्यापम, रेलवे, बैंक, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी विषय विशेषज्ञों द्वारा कराई जाएगी। निःशुल्क कोचिंग की यह सुविधा खासतौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही है।
नीति आयोग ने किया सराहना, देश की बेस्ट 17 प्रैक्टिस में शामिल
इस पहल की सफलता को देखते हुए नीति आयोग, नई दिल्ली ने भी कांकेर मावा मोदोल कोचिंग को सराहा है। आयोग ने इसे देश की 17 बेस्ट प्रैक्टिस में शामिल कर अपने आधिकारिक ब्लॉग में स्थान दिया है। यह कांकेर जिले के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
शिक्षा और रोजगार की दिशा में सकारात्मक पहल
सीईओ जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी ने कहा कि यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक नवाचार किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर और सीईओ ने दी बधाई
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं सीईओ हरेश मंडावी ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्था से जुड़े लोगों को बधाई दी और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी।
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