राजिम। क्षेत्र की जनता से सीधे जुड़ाव और संवाद का जरिया बने विधायक जनदर्शन कार्यक्रम इस सप्ताह स्थगित कर दिए गए हैं। राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू अपने निजी कारणों से 24 अगस्त से 30 अगस्त तक अन्यत्र प्रवास पर रहेंगे। इस अवधि में उनका पूर्व निर्धारित जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। 30 अगस्त के उपरांत वे पुनः पूर्व की भांति नियमित रूप से क्षेत्रवासियों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। इस आशय की जानकारी विधायक के निज सहायक किशोर साहू ने दी।
जनता से सीधे जुड़ने का माध्यम है जनदर्शन
राजिम विधानसभा क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से विधायक रोहित साहू का जनदर्शन कार्यक्रम लगातार चर्चा का विषय रहा है। यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि समस्याओं को मौके पर सुनकर त्वरित समाधान की पहल के रूप में देखा जाता है। चाहे राशन कार्ड की समस्या हो, पेंशन की दिक्कत, सड़क और बिजली से जुड़े मामले हों या फिर स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर रुकी हुई योजनाएं – जनता इन सभी मुद्दों को सीधे विधायक के समक्ष रखती रही है।
स्थानीय लोग मानते हैं कि जनदर्शन ने उन्हें उनके प्रतिनिधि से सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर दिया है। बिना किसी मध्यस्थ या लंबी प्रक्रिया से गुज़रे, लोग अपनी समस्या लेकर सीधे पहुंच जाते हैं और अधिकतर मामलों में तत्काल कार्रवाई देखने को मिलती है। यही कारण है कि हर सप्ताह विधायक साहू का जनदर्शन स्थानीय जनता के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।
अचानक स्थगित होने से निराशा, पर समझदारी भी
24 अगस्त से 30 अगस्त तक जनदर्शन स्थगित होने की जानकारी जैसे ही क्षेत्र में फैली, वैसे ही लोगों में हल्की निराशा दिखाई दी। खासतौर पर वे लोग जिन्होंने इस सप्ताह अपनी समस्या लेकर विधायक से मिलने का मन बनाया था, उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि क्षेत्रवासी भी मानते हैं कि निजी कारणों से हर व्यक्ति को कभी-कभी समय निकालना पड़ता है। यही वजह है कि अधिकांश लोगों ने विधायक के इस प्रवास को पूरी समझदारी के साथ स्वीकार किया है।
विधायक की सक्रियता का रहा है प्रभाव
राजिम क्षेत्र में रोहित साहू की पहचान एक सक्रिय जनप्रतिनिधि के तौर पर रही है। चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने लगातार जनता से सीधा संपर्क बनाए रखा है। विकास कार्यों की समीक्षा हो, योजनाओं का क्रियान्वयन या फिर सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता – विधायक लगभग हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।
उनकी सक्रियता का ही नतीजा है कि कई वर्षों से अटकी योजनाओं को भी गति मिली। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों के निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शिक्षा संबंधी सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगारपरक योजनाओं को भी प्राथमिकता दी।
- जनदर्शन की खासियत
- हर सप्ताह तय तिथि और समय पर जनता से खुला संवाद
- किसी भी स्तर की समस्या का तुरंत समाधान की कोशिश
- ज़रूरी होने पर अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल फोन कर निर्देश
- गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए राहत सामग्री या सहयोग की व्यवस्था
- विकास कार्यों से जुड़े सुझाव भी सीधे जनता से लेना
इन खूबियों की वजह से जनदर्शन केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता और प्रतिनिधि के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करता रहा है।
प्रवास के बाद फिर सक्रिय रहेंगे
निज सहायक किशोर साहू के अनुसार, विधायक 30 अगस्त के बाद क्षेत्र में लौटकर नियमित रूप से पूर्व की तरह जनदर्शन करेंगे। उनके लौटने के बाद उन सभी लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो इस सप्ताह अपनी समस्या लेकर आना चाहते थे।
क्षेत्रवासियों की उम्मीदें
राजिम के लोग मानते हैं कि उनके विधायक का स्वभाव मिलनसार और जनता के प्रति संवेदनशील है। यही वजह है कि वे भरोसा जताते हैं कि एक सप्ताह का प्रवास समाप्त होते ही पुनः उसी तन्मयता से समस्याओं को सुनेंगे और समाधान करेंगे।
✅ निष्कर्ष
राजनीति में जनता और प्रतिनिधि के बीच विश्वास का सबसे बड़ा आधार है संपर्क और संवाद। रोहित साहू का जनदर्शन कार्यक्रम इसी विश्वास की कड़ी को मजबूत करता आया है। हालांकि इस सप्ताह यह कार्यक्रम स्थगित रहा, लेकिन क्षेत्र के लोगों को भरोसा है कि प्रवास के बाद विधायक और अधिक उत्साह के साथ जनता से जुड़ेंगे।
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