नई दिल्ली: गगनयान मिशन को लेकर ISRO प्रमुख वी नारायणन ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि PSLV रॉकेट फेल होने का गगनयान मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. दोनों ही अलग-अलग मिशन हैं, ऐसे में ये कहना गलत होगा कि गगनयान मिशन पर किसी तरह का खतरा है. पिछले सप्ताह पीएसएलवी रॉकेट मिशन की विफलता के बाद इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन में देरी नहीं होगी. हम फिलहाल पीएसएलवी रॉकेट मिशन की विफलता के कारण का अध्ययन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी हमारी जांच जारी है. हमें जैसे ही कुछ पता चलता है हम आपको उसके बारे में जुरूर बताएंगे.
Also read – Mann Ki Baat : गरियाबंद वार्ड 8 में सुनी गई , मोदी के संदेशों से भाजपाई कार्यकर्ताओं में जोश
आपको बता दें कि ISRO ने आगामी गगनयान मिशन के लिए पैराशूट आधारित गति धीमी करने से संबंधित प्रणाली को परखने के लिए पिछले साल ही पहला एकीकृत ‘एयर ड्रॉप’ परीक्षण (आईएडीटी-01) सफलतापूर्वक किया था. इसरो के एक अधिकारी ने बताया था कि यह परीक्षण आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के निकट किया गया. यह अभ्यास इसरो, भारतीय वायु सेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.
#WATCH | Coimbatore, Tamil Nadu: ISRO Chairman V Narayanan said that the Gaganyaan mission will not be delayed following the failure of the PSLV rocket mission last week. We are currently studying the cause of the PSLV rocket mission failure.
"These two are independent programs,… pic.twitter.com/d5sIU8vkw8
— ANI (@ANI) January 24, 2026
PSLV फेल होने से नहीं रुकेगा गगनयान मिशन, ISRO चीफ ने दी स्पष्ट जानकारी
क्यों जरूरी था टेस्ट
गगनयान परियोजना का उद्देश्य भारत की यह क्षमता प्रदर्शित करना है कि वह मनुष्यों को अंतरिक्ष में भेजकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस ला सकता है.देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के रूप में योजनाबद्ध यह परियोजना, चालक दल की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रणालियों की जांच के लिए पूर्ववर्ती मानवरहित मिशनों को भी शामिल करेगी. पैराशूट-आधारित गति धीमी करने की प्रणाली धरती पर लौटने और लैंडिंग के दौरान चालक दल के मॉड्यूल की सुरक्षित रूप से वापसी सुनिश्चित करने के संबंध में एक प्रमुख घटक है.



