रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित भर्ती प्रणाली को हिलाकर रख देने वाले CGPSC भर्ती घोटाला में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने फाइनल चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट के मुताबिक, प्री परीक्षा का प्रश्नपत्र 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उपलब्ध कराया गया, ताकि चयन पहले से तय किया जा सके।
CGPSC भर्ती घोटाला : CBI के अनुसार—
प्री का पेपर एक दिन पहले रायपुर स्थित सिद्धिविनायक पैलेस में दिया गया, जबकि बार नयापारा क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में लगभग 20 दिन पहले से प्रश्नपत्र/उत्तर की दिशा समझाकर तैयारी कराई गई।
सेटिंग फेल कैसे हुई? — ‘ऊपर पैसा’ नहीं पहुंचा
चार्जशीट में उत्कर्ष चंद्राकर को मुख्य आरोपी/सरगना बताया गया है। आरोप है कि पूरा प्लान तैयार होने के बावजूद ऊपर तक तय रकम नहीं पहुंच पाई, नतीजतन—
❌ सेटिंग ध्वस्त हुई,
❌ अधिकांश आरोपी मेन्स परीक्षा में फेल हो गए।
मेन्स में एक आरोपी पास, इंटरव्यू में रोका गया
CBI के मुताबिक, शश्वत सोनी ही ऐसा आरोपी रहा जिसने मेन्स परीक्षा पास की, लेकिन प्री पेपर लीक से जुड़े सबूत सामने आने पर उसे इंटरव्यू चरण में रोक दिया गया।
CBI चार्जशीट: सभी आरोपी — पूरे नाम एक साथ CBI की फाइनल चार्जशीट में कुल आरोपी निम्नलिखित हैं:
(A) मुख्य आरोपी
उत्कर्ष चंद्राकर — मुख्य साजिशकर्ता (अब भी गिरफ्त से बाहर)
(B) 28 अभ्यर्थी जो जांच के घेरे में है और जिनपर आरोप लगे है जिनमे
रिचा कौर
ज्योति सूर्यवंशी
निकिता गर्ग
निधि पमेंद्रा चंद्राकर
शश्वत सोनी
सत्येंद्र सिंह ठाकुर
देवयानी तिवारी
पुलकित साहू
अर्चना
पूजा प्रसाद
भवानी पैंक्रा
निवेदिता राजपूत
कृति सिंह
मनीष
योगेश देवांगन
प्रतीक विनोद सिंह
निधि
लोकेश चंद्राकर
समीर चंद्राकर
रितेश चंद्राकर
मयंक साहू
माधुरी साहू
शशांक मिश्रा
ओम प्रकाश वर्मा
भारती वर्मा
कविश सिन्हा
प्रकाश चंद्राकर
(C) शिक्षक/कोचिंग की भूमिका में आरोपी
धर्मेंद्र साहू — शिक्षक/गाइड
परितोष — शिक्षक/गाइड
अवनीश वर्मा — शिक्षक/गाइड
CBI के अनुसार, इन सभी के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन/होटल-रिसॉर्ट लिंक और गवाहों के बयान चार्जशीट में दर्ज हैं।
सबसे बड़ा सवाल: सरगना अब भी आज़ाद क्यों?
चार्जशीट में उत्कर्ष चंद्राकर को मुख्य आरोपी बताए जाने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होना गंभीर संदेह पैदा करता है।
प्रदेशभर में सवाल उठ रहा है—❓ जब सभी कड़ियां खुल चुकी हैं, तो सरगना पर कार्रवाई क्यों नहीं?




