फिल्मी स्टाइल पीछा: शुक्रवार की सुबह गरियाबंद जिले में ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जिसने हर किसी को दंग कर दिया। आम दिनों की तरह लोग अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे, तभी अचानक हाईवे पर एक तेज़ रफ़्तार इनोवा कार और पुलिस के बीच पीछा शुरू हुआ। नज़ारा बिल्कुल किसी बॉलीवुड की एक्शन फिल्म के दृश्य जैसा था – तेज़ हॉर्न, चीखती ब्रेक और पुलिस की स्कॉर्पियो को टक्कर मारती इनोवा। राह चलते लोग पल भर के लिए ठिठक गए और सोचने लगे कि आखिर माजरा क्या है।
फिल्मी स्टाइल पीछा अचानक शुरू हुआ
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे छुरा इलाके से गुजर रही एक सफेद रंग की इनोवा कार को पुलिस ने संदेह के आधार पर रुकवाने का प्रयास किया। कार में बैठे लोग पुलिस को देखते ही घबरा गए और गाड़ी रोकने की बजाय तेज़ रफ़्तार से भागने लगे। पुलिस ने भी तुरंत पीछा शुरू कर दिया। यही से शुरू हुआ करीब 20 किलोमीटर लंबा पीछा, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि इनोवा में बैठे लोग तस्करी में शामिल होने की आशंका में पहले से पुलिस की निगरानी में थे। लेकिन जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने कार को और तेज़ कर दिया। छुरा से लेकर मालगांव तक पीछा चलता रहा। इस दौरान कई बार हालात ऐसे बने कि बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर
पीछा करते-करते जब पुलिस की स्कॉर्पियो कार इनोवा के करीब पहुंची तो आरोपियों ने बिना झिझके सीधे उसे टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो हिल गई लेकिन चालक ने संतुलन बना लिया। यही नहीं, जब इनोवा मालगांव चौक पहुंची तो वहां खड़ी एक मोटरसाइकिल को भी ठोक दिया। चौक पर मौजूद लोग सहम गए। लेकिन पुलिस पहले से तैयार थी। चारों तरफ से घेराबंदी कर इनोवा को रोकने की रणनीति बनाई गई।
ड्रामा पहुंचा चरम पर
मालगांव चौक पर पुलिस ने इनोवा को आखिरकार घेर लिया। जैसे ही गाड़ी रुकी, ड्राइवर कार से बाहर कूदा और पास की पहाड़ियों की तरफ भागने लगा। लेकिन पीछे बैठे दो अन्य युवक पुलिस के हाथ लग गए। ड्राइवर की तलाश अब भी जारी है। पुलिस ने इनोवा को कब्जे में ले लिया है और उसे थाने लाकर जांच की जा रही है।
गाड़ी में क्या छिपा था – बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनोवा में आखिर ऐसा क्या था जिसकी वजह से आरोपी इस कदर जान जोखिम में डालकर पुलिस से भाग रहे थे। सूत्रों के अनुसार, गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में तस्करी का सामान छिपा हो सकता है। फिलहाल पुलिस गाड़ी को सील कर जांच कर रही है। माना जा रहा है कि गाड़ी से नशीले पदार्थ, मादक द्रव्य या फिर वन्य जीव संबंधी सामग्री बरामद हो सकती है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चश्मदीदों ने बताया – ऐसा नज़ारा पहली बार देखा
घटना स्थल पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि यह नज़ारा बिल्कुल फिल्मी था। चौक-चौराहों पर लोग हैरान-परेशान थे। किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की तो कोई डर के मारे दुकानों के अंदर भाग गया। स्थानीय व्यापारी राजेश गुप्ता ने बताया, “गाड़ी इतनी तेज़ थी कि हमें लगा कहीं किसी को कुचल न दे। पुलिस भी पीछे-पीछे थी। हम सबने सांस रोककर पूरा वाकया देखा।”
पुलिस की जाबांज़ी बनी चर्चा का विषय
गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई ने हर किसी को प्रभावित किया। जिस तरह से पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर तक पीछा करते हुए आरोपियों को घेरा, वह आसान काम नहीं था। बीच रास्ते में गाड़ी को टक्कर मिलने के बावजूद पुलिस का मनोबल नहीं टूटा। लोग सोशल मीडिया पर भी पुलिस की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “यह कार्रवाई टीमवर्क का नतीजा है। सभी जवानों ने जोखिम उठाकर आरोपियों को घेरा और लोगों की जान बचाई।”
इलाके में सनसनी, लोग कर रहे तरह-तरह की चर्चा
घटना के बाद पूरे इलाके में इस इनोवा का राज़ जानने को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। लोग यह कयास लगा रहे हैं कि कार में शायद गांजा या अन्य मादक पदार्थ छिपा हो सकता है, क्योंकि यह इलाका नशा तस्करी के लिए कुख्यात माना जाता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कार में वन्य जीव की खाल या कीमती लकड़ी भी हो सकती है।
गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ
पुलिस ने कार से पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में वे गोलमोल जवाब दे रहे हैं। लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो जाएगा। फरार ड्राइवर की भी तलाश जारी है। माना जा रहा है कि वह इलाके के पहाड़ों और जंगलों में छिपा हो सकता है।
अतीत में भी रहे हैं ऐसे मामले
गरियाबंद और आसपास का इलाका पहले भी तस्करी के मामलों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। बीते कुछ सालों में यहां से कई बार गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थ की बड़ी खेप पकड़ी गई है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह भी उसी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस ने की अपील – अफवाहों से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जैसे ही इनोवा से बरामद सामान की आधिकारिक पुष्टि होगी, मीडिया को सूचित किया जाएगा। साथ ही जनता से यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें आरोपियों या उनके नेटवर्क से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को बताएं।
सोशल मीडिया पर छाया पीछा ड्रामा
घटना के तुरंत बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो शेयर करना शुरू कर दिया। ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप पर “फिल्मी स्टाइल पीछा” और “इननोवा ड्रामा” ट्रेंड करने लगा। लोग इसे एक्शन मूवी का सीन बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि “अगर यह बॉलीवुड में शूट होता तो शायद इतना रोमांचक भी नहीं होता।”
निष्कर्ष – अब राज़ का इंतज़ार
फिलहाल इनोवा कार पुलिस के कब्जे में है और अंदर छिपे सामान की जांच चल रही है। गरियाबंद पुलिस की जाबांज़ी से तस्करों की रफ़्तार पर विराम लग गया, लेकिन अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कार से कौन-सा बड़ा तस्करी राज़ बेनक़ाब होगा।
जैसे ही इनोवा का राज़ सामने आएगा, यह मामला न केवल गरियाबंद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सुर्खियों में रहेगा।
https://youtube.com/@khabarbharat3637?si=0_63QqUjHBJTarmB