गरियाबंद जिला प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए गरियाबंद में आज जनदर्शन का आयोजन किया गया। इस जनदर्शन की अध्यक्षता कलेक्टर बी.एस. उइके ने की, जिसमें जिले के विभिन्न गांवों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें कलेक्टर के समक्ष रखीं।
जनदर्शन में कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें गंभीरता से सुनकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जनता की प्रमुख समस्याएं और मांगें
इस जनदर्शन में आए आवेदन विभिन्न विषयों से संबंधित थे, जिनमें बिजली, आवास, राजस्व अभिलेख, वन अधिकार, सिंचाई, पंचायत संचालन, मुआवजा, भूमि सीमांकन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कुछ महत्वपूर्ण आवेदन निम्नलिखित हैं-
- ग्राम टेका के तारण सिंह ने अपने खेत के लिए सौर ऊर्जा पावर पंप की मांग की।
- बिन्दा बाई (ग्राम टेका) ने बिजली ट्रांसफार्मर की मरम्मत की आवश्यकता जताई।
- रामबाई (ग्राम कुकदा) ने राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार की समस्या बताई।
- ग्राम लोहरसी के नागरिकों ने पंचायत सचिव ओमप्रकाश सिन्हा के स्थानांतरण की मांग रखी।
- गरियाबंद की देवकी ने आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृति की गुहार लगाई।
- हरिराम (ग्राम गोंदलाबाहरा) ने वन अधिकार पट्टा प्रकरण के लंबित रहने की शिकायत की।
- रूपाबाई (ग्राम खट्टी) ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
- शैलेन्द्र (पाण्डुका) ने बंदोबस्त में त्रुटि सुधार कराने हेतु आवेदन दिया।
- पुरुषोत्तम रात्रे (देवगांव) ने जमीन के सीमांकन की मांग रखी।
- डोमार सिंह नागेश (मैनपुरकला) ने कृषि भूमि पर बने पुल के मुआवजा की मांग की।
प्रशासन की सक्रियता और तत्परता
कलेक्टर उइके ने सभी आवेदकों को विश्वास दिलाया कि उनकी समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि: समस्याओं का निरीक्षण कर जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करें। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। फील्ड विज़िट कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जाए। लापरवाही या अनदेखी पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनदर्शन की विशेषताएं और उद्देश्य
जनदर्शन का आयोजन प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य है:
- सीधे नागरिकों से संवाद स्थापित करना।
- मौजूदा योजनाओं की प्रगति का आंकलन करना।
- समस्याओं को बिना बिचौलियों के त्वरित निपटान की दिशा में कदम उठाना।
- शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार करना और उन पर समयसीमा में कार्रवाई करना।
उपस्थित अधिकारीगण
जनदर्शन के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से: जिला पंचायत सीईओ जी.आर. मरकाम अपर कलेक्टर अरविंद पाण्डेय सभी विभागीय अधिकारी इन सभी ने आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए अपनी जिम्मेदारी तय की।
निष्कर्ष:
जनदर्शन एक प्रभावशाली पहल है जिससे आम नागरिकों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का अवसर मिलता है। गरियाबंद जिले में कलेक्टर बी.एस. उइके द्वारा की गई यह सुनवाई न सिर्फ जन-संवेदनशील प्रशासन की मिसाल है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि शासन आमजन की समस्याओं के प्रति सजग और संवेदनशील है।
ऐसे कार्यक्रमों से न सिर्फ समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी मज़बूती मिलती है।