फिंगेश्वर। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत खुशी मेडिकल पर पुलिस व औषधि विभाग की संयुक्त छापामार कार्रवाई। नशीली दवाओं की अनियमितताओं पर अग्रिम कार्रवाई की तैयारी।
नशा मुक्त अभियान के तहत खुशी मेडिकल पर छापामार कार्रवाई
गरियाबंद जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत लगातार प्रदेशभर में औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 18 अगस्त 2025 को फिंगेश्वर स्थित खुशी मेडिकल पर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया। यह कार्रवाई नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) के निर्देश पर की गई, जिसमें नशीली, मनःप्रभावी और स्वापक औषधियों के क्रय-विक्रय में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
कार्रवाई का संचालन
इस निरीक्षण दल में औषधि निरीक्षक धर्मवीर सिंह ध्रुव और सतीश सोनी शामिल थे, जबकि स्थानीय पुलिस विभाग ने भी विशेष भूमिका निभाई। नियंत्रक महोदय, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम ने मेडिकल दुकान की स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक, दवाओं के लाइसेंस और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की।
मिली अनियमितताएं
जांच के दौरान यह पाया गया कि दुकान पर कई ऐसी नशीली व नियंत्रित श्रेणी की दवाएं रखी गई थीं जिनकी बिक्री बिना उचित लाइसेंस और वैध पर्चे के की जा रही थी। साथ ही, रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियां पाई गईं। इस पर टीम ने मौके से आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए और पूरे मामले की अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।
नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में कदम
यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में नशीली दवाओं और पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है। NCORD के माध्यम से प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
स्थानीय प्रशासन की सख्ती
पुलिस विभाग और प्रशासन का मानना है कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाइयों से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त अभियान के तहत जिलेभर में आगे भी इसी तरह की औचक निरीक्षण की कार्रवाई जारी रहेगी।
सामाजिक संदेश
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से मेडिकल दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में कमी आएगी और युवाओं को नशे से बचाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने भी अपील की है कि आमजन ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस या औषधि विभाग को दें ताकि नशा मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सके।
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