Blue water mine accident रायपुर, छत्तीसगढ़: नवा रायपुर स्थित कुख्यात ‘ब्लू वाटर खदान’ (Blue Water Mine) एक बार फिर मौत का कुआँ साबित हुई है। 31 अक्टूबर की शाम को इस खदान के नीले पानी में डूबने वाले छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 10वीं कक्षा के दो छात्रों, जयेश साहू और मृदुल, का शव 36 घंटे चले सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर इस मनमोहक लेकिन जानलेवा जगह की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Road Accident: CCTV में कैद हुआ रायगढ़ हादसा, महिला की कार ने बाइक सवार और पैदल यात्री को रौंदा
क्लास बंक कर गए थे 9 छात्रों का ग्रुप
पुलिस के अनुसार, यह घटना 31 अक्टूबर की शाम की है और मामला माना थाना क्षेत्र का है।
- प्लानिंग और लापरवाही: टाटीबंध स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 10वीं कक्षा के 9 छात्रों के एक ग्रुप ने उस दिन स्कूल बंक करने का फैसला किया। स्कूल यूनिफॉर्म में ही ये सभी नवा रायपुर स्थित ‘ब्लू वाटर खदान’ घूमने चले गए।
- दोस्त डूबे, मदद नहीं मिली: घूमने के दौरान छात्र जयेश साहू और मृदुल नहाने के लिए खदान के पानी में उतर गए। यह खदान अत्यंत गहरी है। दोनों छात्र गहरे पानी में जाकर डूब गए।
- दोस्तों ने मचाया शोर: बाकी 7 छात्रों ने उन्हें डूबता देख शोर मचाया और आसपास मदद की गुहार लगाई। चूँकि यह इलाका आउटर में है, उन्हें तत्काल कोई मदद नहीं मिल पाई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
- Manendragarh factory fire : प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान — दमकल की तीन गाड़ियां घंटों तक करती रहीं प्रयास
36 घंटे बाद बरामद हुए शव
पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खदान की अत्यधिक गहराई और रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बीच में रोकना पड़ा।
- पहला शव: शनिवार, 1 नवंबर को रेस्क्यू टीम ने पहले छात्र जयेश साहू का शव बरामद किया।
- दूसरा शव: रविवार, 2 नवंबर की सुबह, दूसरे छात्र मृदुल का शव भी खदान से निकाला गया।
दोस्तों से पूछताछ: पुलिस ने स्कूल बंक करके घूमने गए बाकी 7 छात्रों (जिनमें आशुतोष पांडे, आयुष प्रताप सिंह, विरल राज, रमेश पुनिया, ऋषिराज, आदर्श शुक्ला और प्रियेश गोस्वामी शामिल हैं) से पूछताछ की है।



