झाखरपारा अवैध धान तस्करो के खिलाफ कार्यवाही नही प्रशासन की मंशा पर सवाल

झाखरपारा अवैध धान तस्करो के खिलाफ कार्यवाही नही प्रशासन की मंशा पर सवाल

 

गरियाबंद। धान तस्करी में अव्वल झाकरपारा के बड़े बड़े धान तस्करो के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही देखने को नही मिल रहा है जबकि सूत्रो का मानना है की यहा के छोटे बड़े धान तस्कर 4 हजार से अधिक क्विंटल उड़ीसा का धान गोदाम सहित कई जगह डंप करा चुके हैं जिससे लगभग सभी अधिकारी वाकिप हैं बावजूद इसके अब तक ना उड़ीसा से धान ठोहने वाली गाड़ियों पर कार्यवाही हो रहा है और ना रखे धान की जब्ती के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है शायद यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन कार्यवाही की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं जानकारी अनुसार झाकरपारा के छोटे बड़े धान तस्कर उड़िसा के बेहरा कदलीमुड़ा हाथीपखान भालूचुआ फदमपुर धौरपुर कंकपुर कोटदामुडा सहित अन्य गांव से प्रति क्विंटल 18 सौ से 2000 रुपए में लाकर किसानो के बीच 2400 से 2500 के बीच बेचा जाता है और कुछ तो किसानो को अपने झांसे में लेकर सीधा उपार्जन केन्द्र में उड़िसा का धान खफाते सीजन भर में लाखो रुपए कमा लेते हैं शायद यही कारण है कि पिछले साल की इस बार कल्पना से अधिक धान झाकरपारा इलाके मे पहुंचाया जा रहा है ज्यादातर कोदोभांटा सरगी बहली उसरीपानी के मार्ग से उड़ीसा का धान पहूंच रहा है जबकि इन मार्ग पर अस्थाई तौर पर चैक पोस्ट स्थापित किया गया है 4 दिन पहले तो दिन और रात उड़िसा से धान की सफलाईं देखी गई है लेकिन आज तक कोई बड़े धान तस्कर की गाड़ी को पकड़ने या धान की जब्ती नही किया गया जबकि रतजगा कर भी छुट मूठ बिचोलिया पर जोरदार कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा था

उड़ीसा से 30 हजार क्विंटल धान आने की संभावना -: आपको बता दें की नदी पार के अधिकांश गांव में बारिश की बेरुखी से इस बार फसल ना के बराबर हुआ है इस बीच कुछ किसानो ने तो अपने फसल को मवेशी के हवाले तक कर दिया और गांव गांव में बैठक कर रैली के माध्यम से तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा रहा की क्षेत्र को सूखा घोषित किया जाए शायद यही वजह है कि आज के स्तिथि में भी कोई भी किसान झाकरपारा निष्टीगुड़ा खोकसारा में धान बेचने नही पहुंच रहे हैं हालांकि दीवानमुड़ा उपार्जन केंद्र अंतर्गत किसानो ने अपना फैसला बदल कर धान बेचना शुरू कर दिया इसके अलावा नई सरकार बनने के बाद बाकी केंद्रों में भी धान बेचने की संभावना बनी है तभी उड़ीसा से धान की सफलाई ताबड़तोड़ तरीके से किया जा रहा है जानकारों का मानना है की इस बार 30 हजार से अधिक क्विंटल धान लाने की संभावना है यह भी सिर्फ झाकरपारा के धान तस्करो की आंकड़ा है बाकी के लिए अलग से धान लाने का अनुमान है तब कही जाकर किसानो को धान पुराया जा सकता है

जिला प्रशासन से कार्यवाही की उम्मीद -: झाकरपारा के छोटे बड़े धान तस्कर के खिलाफ स्थानीय प्रशासन से कार्यवाही की उम्मीद बिल्कुल नही मानते क्योंकि जब लगातार सफलाइ होने की स्तिथि में कार्यवाही नही हुआ तो आगामी दिनों में किस तरह कार्यवाही का भरोसा किया जा सकता है इसलिए जिला प्रशासन से उड़ीसा के धान पर लगाम लगाने की आश है।


There is no ads to display, Please add some

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *