कलेक्टर धान खरीदी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, किसानों परिवहन वाहनों के फोटो अपलोड,सही तौल, व्यवस्थित स्टेकिंग और बारदाना प्रबंधन को लेकर दिए सख्त निर्देश
गरियाबंद। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान-हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज मैनपुर क्षेत्र के अंतर्गत जिड़ार, शोभा, नउमुड़ा, धवलपुर और बिन्द्रनवागढ़ सहित विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में संचालित सभी व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री उइके ने समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि किसानों द्वारा धान परिवहन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों के लाइव फोटो को शत-प्रतिशत पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि इससे खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। उन्होंने धान बोरे की गिनती, तौल और उठाव की प्रक्रिया को निर्बाध व सटीक बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही केंद्रों में धान की व्यवस्थित स्टेकिंग, सुरक्षा मानकों के पालन तथा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन खरीदी की मात्रा बढ़ाने के लिए हेमालों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री उइके ने मिलों में भेजे जाने वाले बारदाना की गुणवत्ता की भी जांच की और स्पष्ट निर्देश दिया कि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बारदाना मिलने पर ही उठाव किया जाए। फटा और खराब बारदाना तुरंत लौटाने तथा बारदाना की उपलब्धता, रखरखाव और पोर्टल में समय से एंट्री सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने केंद्रों में धान के प्रकार जैसे पतला, मोटा और पान-सरना को अलग-अलग स्टेक बनाकर रखने और प्रत्येक स्टेक पर बोरियों की संख्या अंकित कर स्पष्ट सूचना चस्पा करने के निर्देश दिए, ताकि भंडारण और उठाव की प्रक्रिया सुचारु बनी रहे।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने मैनपुर क्षेत्र के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने किसानों से भी चर्चा की और उनके फसल उत्पादन, खरीदी प्रक्रिया तथा केंद्र की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को तौल में शुद्धता, संपूर्ण उपार्जित धान के विक्रय और कम पैदावार की स्थिति में रकबा समर्पण कर पोर्टल में समय पर एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जिन समितियों द्वारा पीडीएस दुकानों का संचालन किया जा रहा है, वे रिक्त बोरियों की एंट्री भी नियमित रूप से सुनिश्चित करें। गलत स्टेकिंग, भंडारण स्थल की कमी और अव्यवस्था को देखते हुए हेमालों की संख्या बढ़ाने और तौल की प्रक्रिया को और सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए गठित टीम से चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री उइके ने वाहनों के पंजीयन, सतत निगरानी और नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि धान खरीदी क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी केंद्रों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है। कलेक्टर ने बरसात की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रों में पर्याप्त और गुणवत्तायुक्त त्रिपाल की उपलब्धता एवं उसके उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि धान को जमीन से ऊंचाई पर व्यवस्थित रूप से स्टेक कर सुरक्षित रखा जाए, ताकि नमी या वर्षा की स्थिति में धान को क्षति न पहुंचे।
इस निरीक्षण के दौरान खाद्य अधिकारी श्री अरविंद दुबे, उप संचालक कृषि श्री चंदन कुमार रॉय, जिला विपणन अधिकारी श्री किशोर चंद्रा, सहकारिता विभाग की सहायक आयुक्त सुश्री महेश्वरी तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




