Weapons confiscated दुर्ग, छत्तीसगढ़: भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में चाकूबाजी और कटरबाजी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी और अनूठी पहल शुरू की है। अब पुलिस ने सीधे अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, क्राइम ब्रांच ने इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर हथियार लहराते हुए रील्स और फोटो पोस्ट कर दहशत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
WhatsApp storage management: WhatsApp में मीडिया कंट्रोल करें अपने हिसाब से, ऐसे करें बदलाव
नाबालिगों के माता-पिता को समझाइश
चिंता का विषय यह है कि सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाले ऐसे पोस्ट करने वालों में नाबालिगों की संख्या सबसे ज़्यादा है। इन बच्चों को अपराध की गंभीरता और इसके भविष्य पर पड़ने वाले असर का अंदाजा नहीं होता।
- पुलिस ने ऐसे नाबालिगों को चिन्हित कर उनके माता-पिता को थाने बुलाया।
- नाबालिगों को कड़ी समझाइश दी गई और उनके माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
- पुलिस का उद्देश्य इन युवाओं के करियर को खराब होने से बचाना और उन्हें आपराधिक रास्ते पर जाने से पहले रोकना है।
- Women’s Cricket India: महिला क्रिकेट की नई पहचान: WPL ने लाया कॉर्पोरेट निवेश और फैंस का सैलाब
ऑनलाइन डिलीवरी एजेंसियों को सख्त निर्देश
पुलिस ने अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए ऑनलाइन हथियारों की सप्लाई चेन पर भी लगाम कसने की तैयारी की है।
- दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सामान की डिलीवरी करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है।
- एजेंसियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे डिलीवरी से पहले ऑर्डर किए गए सामान को स्कैन करें।
- यदि किसी ऑर्डर में चाकू, कटर या अन्य धारदार/आपत्तिजनक हथियार पाए जाते हैं, तो एजेंसी तत्काल संबंधित थाना क्षेत्र को इसकी सूचना देगी।
पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि अब अपराधियों को न केवल सड़क पर बल्कि साइबर दुनिया में भी बख्शा नहीं जाएगा। यह पहल स्थानीय युवाओं के बीच बढ़ते हिंसक रुझान को रोकने और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



