राजिम। सावन माह के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर राजिम त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित भगवान कुलेश्वर नाथ के प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी पड़ी। भोर से ही शिवभक्त लंबी कतारों में खड़े होकर भगवान शिव को जल अर्पित कर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक व विशेष पूजा-अर्चना में लीन दिखे।
सावन माह में मंदिर परिसर ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया।
शाम से नाग पंचमी की तैयारियाँ भी पूरे जोरों पर हैं। सावन माह इस विशेष अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें उन्हें फूलों, भस्म, चंदन व आकर्षक वस्त्रों से अलंकृत किया जाएगा।
मान्यता है कि यह शिवलिंग माता सीता द्वारा बालू से निर्मित किया गया था और यह रामेश्वरम से भी प्राचीन माना जाता है।
यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था से सराबोर राजिम का यह क्षेत्र सावन माह के इस शुभ अवसर पर एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।