अब अगर कोई वाहन चालक बच्चों को साथ लेकर सड़क पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव करते हुए प्रस्ताव दिया है कि ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी जाए। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
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अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल बसों और पारिवारिक वाहनों द्वारा बार-बार नियम तोड़े जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मंत्रालय को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। प्रस्तावित नियम न सिर्फ निजी गाड़ियों पर लागू होंगे, बल्कि स्कूलों द्वारा संचालित या किराए पर ली गई गाड़ियों पर भी लागू होंगे। मंत्रालय का मानना है कि वाहन चालक और मालिक दोनों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
चालकों के लिए पॉइंट सिस्टम भी प्रस्तावित
मंत्रालय ने एक नए पॉइंट सिस्टम का सुझाव भी दिया है, जिसमें अच्छे चालकों को ‘मेरिट पॉइंट’ दिए जाएंगे और नियम तोड़ने वालों को ‘डिमेरिट पॉइंट’ मिलेंगे। डिमेरिट पॉइंट्स की सीमा पार करने पर ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी या स्थायी रूप से रद्द हो सकता है। इसके अलावा, वाहन बीमा प्रीमियम भी इसी स्कोर से जोड़ा जा सकता है।
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लाइसेंस रिन्यूअल से पहले टेस्ट जरूरी
अगर किसी चालक ने लाइसेंस रिन्यूअल से पहले ट्रैफिक नियम तोड़े हैं, तो उसे दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य चालक ही सड़क पर वाहन चला सकें।
मंत्रालय इन प्रस्तावों पर अन्य मंत्रालयों से राय मांग रहा है और अंतिम ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कानून बनाने की प्रक्रिया में लाया जाएगा।