कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में पनप सकता है। हमारे शरीर में हजारों लाखों सेल्स हैं। जिसमें से कोई सेल अनकंट्रोल्ड तरीके से यानि सामान्य से ज्यादा बढ़ने लगती है। तो कैंसर का रूप ले लेती है। ये कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं। इसलिए कैंसर का जितना जल्दी पता चल जाए उतना बेहतर होता है। कैंसर का पता लगाने के लिए अलग-अलग टेस्ट हैं। आपको इन टेस्ट को साल में एक बार जरूर करवा लेना चाहिए। महिलाओं और पुरुषों के लिए कैंसर के टेस्ट में कुछ अंतर है। आइये जानते हैं कैंसर का पता कैसे चलता है। कैंसर के लिए कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?
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कैंसर का पता लगाने के लिए डॉक्टर बायोप्सी टेस्ट (Biopsy Test) कराने की सलाह देते हैं। बायोप्सी टेस्ट शरीर में कैंसर की जांच और कैंसर कितना फैल चुका है इसका पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा कुछ टेस्ट हैं जिनसे शरीर के अलग अलग हिस्सों में पनप रहे कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
कैंसर के लिए कौन से टेस्ट कराएं
- महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ रहा है। 25 साल के बाद हर महिला को ब्रेस्ट कैंसर का टेस्ट साल में जरूर करवाना चाहिए। ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए CA15.3 टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा फिजिकल एग्जामिन भी किया जाता है।
- पेट के कैंसर का पता लगाने के लिए CA72.4 मार्कर कराया जाता है। आपको साल में एक बार ये टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। वहीं पेनक्रियाटिक कैंसर के लिए आपको CA 19.9 टेस्ट करवाना चाहिए। पुरुषों को CAA और PSA टेस्ट भी करवाना चाहिए। इससे प्रोस्टेट कैंसर का पता चलता है।
- वहीं महिलाओं को 40 साल के बाद CA 125 मार्कर करवाना चाहिए। ये ओवेरियन कैंसर के लिए टेस्ट है। महिलाओं को भी पेट के कैंसर के लिए CA72.4 और CAA जनरल एंटीजन टेस्ट कराना चाहिए। साल में 1 बार ये टेस्ट आपको जरूर करवाने चाहिए।
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इन टेस्ट को कराने से काफी हद तक कैंसर का पता चल जाता है। जितना जल्दी कैंसर का पता चलेगा इलाज उतना बेहतर हो पाएगा। यही वजह है कि कैंसर को बढ़ते मामलों के साथ ही कैंसर के डायग्नोसिस को लेकर जागरुकता फैलाई जा रही है। क्योंकि जागरुता ही किसी भी बीमारी से बचने का सबसे बड़ा बचाव है।