PM जनमन आवास योजना: गरियाबंद जिले के कलेक्टर बी.एस. उइके ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा समीक्षा बैठक लेकर जिले के सभी प्रमुख विकास कार्यों, योजनाओं, जनकल्याण कार्यक्रमों एवं लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के सभी प्रगतिरत और स्वीकृत कार्य 30 सितंबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों को जल्द से जल्द आवास की मूलभूत सुविधा मिल सके।
PM जनमन आवास योजना पर विशेष जोर
बैठक में कलेक्टर उइके ने कहा कि PM जनमन आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। विशेष विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए बन रहे आवास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग, ऑनलाइन एंट्री, और जीओ टैगिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराने ग्रामीणों को प्रेरित करने और काम में गति लाने के लिए फील्ड अमले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
खरीफ सीजन में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने बैठक में खरीफ सीजन में हो रही खेती-किसानी की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी सहकारी समितियों में खाद-बीज की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को बुवाई में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने डीएपी (DAP), नैनो डीएपी, एसएसपी, और यूरिया जैसे उर्वरकों की वास्तविक स्टॉक स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि नैनो डीएपी को एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया जाए और इसके प्रयोग को लेकर किसानों को जागरूक किया जाए।
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए विशेष अभियान
बैठक में वय वंदना योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर वय वंदना कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने बताया कि वय वंदना कार्ड धारकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सामान्य सुविधा के साथ-साथ अतिरिक्त 5 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग सहित सभी फील्ड अमलों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति पर रिपोर्ट तलब
कलेक्टर ने आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, लेप्रोसी उन्मूलन, और निक्षय निरामय योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने एनक्यूएएस (NQAS) सर्टिफिकेशन के लिए जिला अस्पतालों में जारी गतिविधियों की भी समीक्षा की और स्वास्थ्य अधिकारियों को योजनाओं को लक्ष्य के अनुरूप पूरा करने को कहा।
स्कूल, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने जिले के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नल-जल योजना के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए PHED विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर नल कनेक्शन कार्य शीघ्र पूर्ण हो, ताकि बच्चों और ग्रामीणजनों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।
सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के पेंशन प्रकरण समय पर निपटाएं
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अगले तीन महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को समय रहते निपटाया जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन से ही उनका भुगतान और लाभ आरंभ हो सके। कलेक्टर ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को नियमानुसार सभी स्वत्वों का भुगतान समय पर हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के अंत में कलेक्टर उइके ने अनधिकृत रूप से लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची मांगी और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभाग प्रमुखों को दिए। उन्होंने कहा कि कार्य संस्कृति और जवाबदेही को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल में समय-सीमा पर ध्यान दें
कलेक्टर ने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदन समय सीमा के भीतर निपटाए जाएं। जनदर्शन, जनचौपाल, जनशिकायत, पीजी पोर्टल, लोक संवाद, और सीपी ग्राम जैसे माध्यमों से दर्ज सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित निराकरण पर बल दिया गया।
निष्कर्ष:
कलेक्टर बी.एस. उइके की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन समयबद्ध योजनाओं के क्रियान्वयन, जनकल्याण की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, और प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना, खरीफ सीजन की तैयारी, वय वंदना योजना, और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर लिए गए निर्णयों से जिले के आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।