गरियाबंद में सहकारी समितियों में खाद की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने सरकार पर किसान विरोधी षड्यंत्र और कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
खाद की किल्लत से किसान बेहाल
गरियाबंद जिले में सहकारी समितियों में डीएपी खाद की भारी कमी के चलते किसान बेहद परेशान हैं। खरीफ फसलों की बुवाई का समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन जरूरी खाद किसानों को नहीं मिल रही है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने इसे सरकार की जानबूझकर की गई किसान विरोधी साजिश करार देते हुए कहा कि किसानों को पहले एनपीके का विकल्प दिया गया और अब नैनो डीएपी का झांसा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उत्पादन ले सकें, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य पर अधिक धान न खरीदना पड़े।
कालाबाजारी को सत्ता का संरक्षण
हाफिज खान ने आरोप लगाया कि डीएपी खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी सत्ता के संरक्षण में की जा रही है। निजी दुकानों में खाद की कीमत 2000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई है, जबकि सहकारी समितियों में आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी जानबूझकर जमाखोरों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। राज्य भर में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन भाजपा के नेता केवल सोशल मीडिया प्रचार में व्यस्त हैं।
गरियाबंद में हालात सबसे खराब
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, गरियाबंद जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक है जहां किसानों को केवल आश्वासन मिल रहे हैं। समय पर खाद की आपूर्ति नहीं होने से किसान प्राइवेट दुकानों पर महंगी दरों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। पिछले खरीफ सीजन में एक्सपायर्ड नैनो यूरिया बिकने की घटना को याद दिलाते हुए उन्होंने चेताया कि इस बार भी नकली और मिलावटी खाद खुलेआम बिक रही है, जिससे फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
सरकार पर कड़ा हमला
हाफिज खान ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र की मोदी सरकार दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” किसानों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। किसानों ने अप्रैल में ही खाद की मांग दर्ज करवाई थी, फिर भी समय पर रेक और भंडारण की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि खाद संकट पर तत्काल कार्रवाई की जाए, कालाबाजारी पर रोक लगे और किसानों को राहत दी जाए।