सारंगढ़-बिलाईगढ़। एक हृदयविदारक घटना में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले एक गरीब परिवार के माता-पिता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, जिससे उनके चार मासूम बच्चे अनाथ हो गए। अब इन बच्चों का इस दुनिया में कोई अपना नहीं बचा। वर्तमान में उनके दूर के रिश्तेदार द्वारा उनकी देखभाल की जा रही है।
झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले चार मासूम अनाथ हुए, सेवा भारती संस्था थामा हाथ
इस कठिन समय में सेवा भारती संस्था ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए बच्चों के माता-पिता के अंतिम संस्कार एवं दशकर्म के लिए न केवल राशन की व्यवस्था की, बल्कि आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। इसके साथ ही संस्था ने इन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ले ली है, जिससे उनके भविष्य की आशा फिर से जगी है।
सेवा भारती का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाता है कि असहायों के लिए आगे आना ही सच्ची सेवा है।
संदेश: कृपया भोजन को व्यर्थ न करें, क्या पता जो भोजन आप फेंक रहे हैं, वही किसी भूखे के लिए जीवनदायिनी हो।