गरियाबंद। केंद्र व राज्य सरकार गरीब वर्ग के बेटियों के लिए अनेकों महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित किए हुए हैं लेकिन विडंबना तो यह है कि जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारी योजनाएं कागज के पन्नों में कैद कर रखे हुए हैं गरीब वर्ग के लोगों को योजनाओं की जानकारी नही दिया जाता है ऐसे ही केंद्र सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना जिससे उन बच्चों को मदद पढ़ाई लिखाई के लिए किया जाता है जिन बच्चों के माता-पिता नहीं माता-पिता बीमारी से ग्रसित हो साथ ही बीमारी से ग्रसित छात्रो छात्राओं गरीब वर्ग के बच्चों को भी योजना का लाभ दिया जाता है योजना से बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए 4000 प्रतिमा देने प्रवधान है। जिले के ग्राम पंचायत कसेरू में निवासरत एक गरीब आदिवासी परिवार विशेष कमजोर समूह की श्रेणी में आने वाले लाचार बेबस परिवार मां फुलेश्वरी बेटी पूजा की समस्या जानकारी होते ही पहुंचे जिले के इंडियन रेड क्रॉस संरक्षक सदस्य समाजसेवी मनोज पटेल घर की हालात देखकर कहा जिन परिवारों की स्थिति अच्छी होती है। उनका पीएम आवास जल्द बन जाता है लेकिन इन गरीब मां बेटी जो अपनी जान को जोखिम में डाल ऐसे घर में जीवन चला रहे हैं। लेकिन पक्का घर आज तक नसीब नहीं शासन प्रशासन की सर्वे इन परिवारों तक क्यों नहीं पहुंच पाए मैं समाजसेवी कलेक्टर आकाश छिकारा से अपील करता हूं बीमार मां स्कूली छात्र गरीब बेटी पुजा की तत्काल मदद किया जाए।