माता ने दिव्यांग बेटे के लिए समाज कल्याण विभाग से व्हीलचेयर की किया मांग
छुरा। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत सिवनी के ग्राम राजपुर में निवासरत एक ऐसे पीड़ित परिवार कुमारी बाई ने बताया हमें आज तक शासन की अनेक योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है पेंशन के लिए भटक रहे हैं शासन की योजनाएं की लाभ लेने हम गरीब परिवार आखिर क्यों वंचित होते हैं क्योंकि सरकार योजना तो बनाते हैं जरूर है लेकिन उन योजनाओं को देने के लिए तरह-तरह की दस्तावेज मांगते हैं लेकिन गरीब हम लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसे ही खराब होते हैं कोशिश भी करते हैं बनाने की लेकिन विभाग के अधिकारियों के द्वारा आसानी से नहीं बनाया जाता मेरा बेटा महेशवर 80% दिव्यांग है कहीं ले जाने में हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है हम अपने बेटे को थोड़ा बहुत घूमआते तो उन्हें भी अच्छा लगता पांचवी पढ़ने के बाद पढ़ाई भी छोड़ दी क्योंकि आगे की पढ़ाई करने एक किलोमीटर दूर जाने के लिए कोई साधन नहीं था हर ग्राम पंचायतों में शासकीय अधिकारी पंचायत सचिव भी होते हैं ऐसे लोगों की दस्तावेज बनाने में मदद क्यों नहीं करते दिव्यांगों के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी तो किया लेकिन इंडियन रेड क्रॉस संरक्षक सदस्य हेल्पलाइन नंबर कॉल करने पर फोन किया तो आवेदन जमा करने का सुझाव दिया गया समाजसेवी ने कहा जबकि हम 108 नंबर में फोन करते हैं तो गाड़ी मरीजों के घर तक पहुंच मरीजों को अस्पताल पहुंचाते हैं ऐसे ही दिव्यांगों का हेल्पलाइन नंबर होना चाहिए कोई भी दिव्यांग भाई बहन फोन करे तो मदद के लिए समाज कल्याण विभाग से कोई भी अधिकारी उनके घर तक पहुंचे।