संस्कृति और संस्कार को जीवित रखें हैं सरस्वती शिशु मंदिर: रोहित साहू

संस्कृति और संस्कार को जीवित रखें हैं सरस्वती शिशु मंदिर: रोहित साहू

राजिम 20 सितंबर। जेंजरा के सरस्वती शिशु मंदिर में जिला स्तरीय संस्कृति महोत्सव एवं प्रश्न मंच कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर संस्कृति और संस्कार दोनों को जीवित रखे हैं। मुझे प्रसन्नता होती है जब यह बात सुनता हूं कि बच्चे स्कूल जाने के लिए जब घर से निकलते हैं तो टाटा, बाय बाय कहने के बजाय अपने माता-पिता का प्रणाम कर विद्याध्यन के लिए जाते हैं। एक दूसरे मिलने पर संबोधन सूचक वाक्य के रूप में भैया बहन का उच्चारण करते हैं। ऐसी संस्कार सिर्फ शिशु मंदिर में देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ सरकार को संस्कृति और संस्कार पर फोकस करते हुए शिक्षा देने की व्यवस्था करनी चाहिए। संस्कृति महोत्सव एवं प्रश्न मंच कार्यक्रम बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है। जो अचार्य एवं दीदी जी का मेहनत है यहां के शिक्षक शिक्षिका है बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए खूब मेहनत करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद पंचायत फिंगेश्वर के सदस्य विद्या तुलस साहू ने कहा कि स्कूली जीवन से अच्छा और कुछ हो ही नहीं सकता। माता पिता खूब मेहनत कर आपको सिर्फ पढ़ने के लिए भेज रहे हैं आप पढ़िए। समाज और देश की सेवा करने में कोई कसर ना छोड़े। यह जीवन मेहनत का आगे बढ़ने का है। विशिष्ट अतिथि जनपद पंचायत फिंगेश्वर के सभापति जगदीश साहू ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी तथा खूब पढ़ने और आगे बढ़ने उसकी बात कही। सरपंच हीरामणि साहू ने कहा कि जेंजरा ग्राम पंचायत आपकी सेवा में हमेशा तत्पर है हमारे गांव के बच्चे पढ़ाई लिखाई में होशियार बने तथा देश दुनिया का नाम रोशन करें। मैं यही चाहती हूं मुझसे जो बन पड़ेगा आप जरूर कहिये मैं सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगी। पूर्व सरपंच निलेश्वरी साहू, पूर्व सरपंच नंदकुमार साहू,वरिष्ठ नागरिक श्याम सुंदर साहू ने भी अपने विचार रखें इस मौके पर छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। तथा शिक्षक शिक्षिकाएं एवं पालकगण भी इस मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद थे।


There is no ads to display, Please add some

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *