गरियाबंद/फिंगेश्वर–छत्तीसगढ़ राज्य को बने आज 21 वर्ष होने को है। आपने कभी सुना या देखा होगा कि किसी जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक रात12 बजे तक किया गया है।

तो हम आपको बताते है। कि यह कारनामा कहा कि है। यह पूरा मामला गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर जनपद पंचायत का है। जहाँ रात 12 बजे तक सामान्य सभा की बैठक आहूत की गई।

वही इस बैठक में सामने आया चौका देने वाले बात
रात 12 बजे के बैठक में बात सामने आई कि 13वे वित्त से बिना प्रस्ताव किये 65 लाख की राशि सीईओ एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से पारित किया गया।
जब कि किसी भी काम या राशि पारित करने हो तो प्रस्ताव पारित किया जाता है।यह पूरी तरह गलत है।

इस पर जनपद सदस्यों ने नाराजगी जाहिर करते हुए। इस भ्र्ष्टाचार के खिलाफ जांच की मांग की है।
जनपद सदस्यो ने बताया कि।
65 लाख के 13 वे वित्त के कार्य बिना सहमति के प्रस्ताव हुआ था। उसे निरस्त करने का प्रस्ताव किया गया सोमवार रात 12 बजे तक जनपद पंचायत फिंगेश्वर का सभा चला जिसमें 13वे वित्त से बिना प्रस्ताव के65 लाख राशि सीईओ एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से पारित किया गया था। जिसे सामान्य सभा की बैठक में जनपद सदस्यों द्वारा भ्र्ष्टाचार की खुलासा कर सीईओ अधिकारियो ,कर्मचारियों के खिलाफ जांच के लिए प्रस्ताव पास किया गया।

पूरा मामला जनपद पंचायत फिंगेश्वर में सामान्य सभा की बैठक रात्रि 12 तक चली,बैठक में बिना प्रस्ताव के करोड़ो रुपयों के आहरण से सदस्यों में काफी आक्रोश रहा,बैठक में देर रात्रि पूर्व में हुए मनमानी के खिलाफ जांच दोषियों के ऊपर कायवाही का प्रस्ताव जनपद सदस्यों द्वारा लिया गया,करोड़ो के गोलमाल में जांच उपरांत दोषियों के खिलाफ कार्यवाही सख्त कार्यवाही न होने पर धरना प्रदर्शन करने का प्रस्ताव भी कल ही पास करने की बात जनपद सदस्यों ने बताया है

देर रात्रि 12:00 बजे तक गहमागहमी के साथ चला जनपद सभा का सामान्य बैठक
सभा के पश्चात रात्रि 12:00 बजे उपस्थित जनपद सदस्यों ने बताया कि 13 वे वित्त राशि की जानकारी पर जीरो बताया जाता था लेकिन 27/05/2021 की सामान्य सभा की बैठक में इस प्रस्ताव के बारे में जब इसका पता चला तब जनपद सदस्यों के होश उड़ गए इसमें बिना जनपद सदस्य की जानकारी के 65 लाख रूपए के निर्माण कार्य विभिन्न ग्राम पंचायतो 13 वे वित्त आयोग 20% की शेष राशि से निम्नलिखित कार्यों की स्वीकृति एवं अनुदान का निर्णय लिया गया है
1.सीसी रोड निर्माण( युगल घर से तेज कुमार घर तक) तरीघाट 1000000
2.सीसी रोड निर्माण(शत्रुघ्न घर से बल दाऊ घर तक ) तरीघाट 5 लाख
3.सीसी रोड निर्माण (ते ज कुमार घर से धनजी घर तक) तरीघाट 500000
4.सीसी रोड निर्माण (राधा कृष्ण मंदिर से प्रेम लाल द्वारा तक) देवरी 3.25 लाख
5.सीसी रोड निर्माण (ओमप्रकाश घर से ईश्वरी घर तक )देवरी 1.75 लाख
6.सीसी रोड निर्माण( गोलुघर से मौली तालाब तक) बोरसी 1000000
7.सीसी रोड निर्माण का (धुमका बाट से बबला तालाब तारक घर तक ) तर्रा 2 लाख
8.सीसी रोड निर्माण (अलख घर से ओमुघर तक एवं करण घर से कैलाश घर तक बोरसी 1000000
9.सीसी रोड निर्माण ( मौली माता से दुमका घाट तक व गोकुल घर से नंदू निर्मलकर घर तक ) तर्रा 200000
10.सीसी रोड निर्माण (आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3से पोताही तलाब तक) तर्रा 2 लाख
11.सीसी रोड निर्माण (जयस्तंभ चौक से विजय हिरवानी के घर तक) तर्रा 200000
12.सीसी रोड निर्माण (चमन घर से नाला तक से जगदीश पटेल भाऊ निषाद घर से पुलिया तक पुलिया से कामता निषाद घर तक) बोरसी से 1000000
60 लाख रूपए के कार्यों का अनुमोदन किया गया। में सीओ और कुछ कर्मचारियों द्वारा मनमानी तरीके से प्रस्ताव बनाकर डाले गए।
इसी प्रकार 15 वे वित्त में ग्राम पंचायत बेलर में सीसी रोड निर्माण कार्य साहू चौड़ी से खोमं लाल घर तक 3 लाख शुभम साहू से हेमलाल सिन्हा दुकान तक मुख्य मार्ग से शुभम साहू घर तक 3 लाख रू 3 3 लाख के चार रोड 1200000 रुपए के साथ अन्य ग्राम पंचायत में 30 लाख रू के प्रस्ताव बगैर सदस्यों की जानकारी के कार्य स्वीकृत कराकर राशि आहरण किया गया जिसको 22/11/2021 की सामान्य सभा प्रशासन की बैठक में सभी सदस्यों ने इन दोनों मत से स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि को खारिज कराने व भ्रष्टाचार किए हुए इन पैसों को रिकवरी करने का प्रस्ताव पारित किया गया और और प्रस्ताव पारित करने वाले इससे पूर्व में रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारी कृष्ण कुमार डेहरिया के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग की, सभा में यह भी चर्चा हुआ कि जनपद पंचायत में सामान्य सभा का रजिस्टर 4 महीने से जनपद से गायब था जनपद उपाध्यक्ष ने जब इसकी जानकारी ली तो सीओ और कुछ कर्मचारियों द्वारा गोलमोल जवाब दिया जाता था और एक बार तो उन्होंने जवाब में हद ही कर दी यह कार्यवाही पंजी जिला पंचायत सीईओ के पास गया है और इसी कार्यवाही पंजी में पूरे भ्रष्टाचार का लीपापोती छुपा हुआ था।
इससे पहले होने वाली बैठक में कार्यवाही पंजी के बिना भरे दूसरे कार्यवाही पंजी का उपयोग किया गया साथ ही कई आरोप-प्रत्यारोप लगे 15 वे वित्त में आहरन करने वाले जनपद के तृतीय वर्ग के अभय साहू कोउसकी मनमानी और इन सब कार्यों में सहयोगी होने के कारण उसको 15 वे वित्त शाखा से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया इसी घोटाले के साथ स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के लिए आए राशि को भी नहीं बख्शा गया इसमें से भी ₹500000 बगैर कार्य के चेक जारी कर निकाल लिया गया और जब इनकी जानकारी मांगा गया तो इसमें भी गोलमोल जवाब कर्मचारी द्वारा दिया गया और यह सब कार्य पूर्व के सीईओ कृष्ण कुमार डेहरिया के द्वारा किया गया, जिसका जमकर सभाकक्ष में विरोध किया गया और यह यह सभा रात्रि 12:00 बजे तक चला। सभी सदस्यों ने कहा कि अगर इन पर सख्त कार्यवाही नहीं होगी तो हम धरने पर बैठेंगे अगर इन पर सख्त कार्यवाही नहीं हुआ तो हम विधायक पंचायत मंत्री ,मुख्यमंत्री तक जाएंगे।

जनपद पंचायत अध्यक्ष फिंगेश्वर* *पुष्पा जगनन्नाथ

जो हुआ है। नियमानुसार हुआ ।है और ड्राइवर को ऑपरेटर बना कर पैसा निकालने वाली बात सन्देह की घेरे में है। इस मामले की जांच निश्चित रूप से होनी चाहिए।

उपाध्यक्ष जनपद पंचायत फिंगेश्वर योगेश साहू

इसके बारे में हमे कोई जानकारी नही थी। ये पूरी तरह से मिलीभगत की मामला है। जिसे हमे जानकारी देना सही नही समझा। जिससे हम जनपद सदस्यो की अधिकारों की हनन किया गया। पूर्व सीओ के द्वारा अपने ड्राइवर को कम्प्यूटर ऑपरेटर बता कर 1 लाख से ज्यादा पेमेंट निकाला गया।

पूर्व सीओ फिंगेश्वर कृष्ण कुमार डहरिया

जो हुआ है। नियमानुसार हुआ है। रही बात ड्राइवर की जो ऑपरेटर बना कर पैसा निकाले उस पर सीओ ने कहा कि वो आपरेटर था। जिनकी पेमेंट निकाला गया है।

वर्तमान सीओ फिंगेश्वर* नरसिंह ध्रुव*
बिना सहमति के लिए जो कार्य योजना किया गया था उनको सभी की सहमती से सामान्य सभा मे निरस्त किया गया ।

पुनः प्रस्ताव कर कार्य किया जाएगा।

औऱ पूर्व सीओ की ड्राइवर को ऑपरेटर बता कर पैसा निकालने वाली बात पर वर्तमान सीओ ने कहा कि कार्यवाही की जाएगी

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